Secrets
एक अफसोस
पिताजी ने मुझे कभी नहीं बताया कि वह कितना थकते थे। रोज सुबह जाते और रात को लौटते। मैंने कभी उनकी थकान नहीं देखी। जब मैंने पहली तनख्वाह ली तो उनकी आंखों में आंसू थे। आज मैं समझता हूं कि उन्होंने मेरे लिए कितना कुछ किया। उनकी कुर्बानियां कभी बयां नहीं की जा सकतीं।
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