Loss & Grief
दोस्ती का दर्द
प्यार कोई सौदा नहीं है। यह मैंने उस दिन सीखा जब मैंने उसे पहली बार देखा। कॉलेज की लाइब्रेरी में वह बैठी थी। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। हम दोस्त बने, फिर प्यार हुआ। लेकिन परिवार वालों को मंजूर नहीं था। हम अलग हो गए। आज भी जब लाइब्रेरी जाता हूं तो उसे ढूंढती हैं आंखें। प्यार सच्चा था। बस वक्त गलत था।
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